#H481 रूठा करो, पर मनाने के लिए। ("Stay upset, just to be consoled)
खुश दिखना जमाने में
मेरी जरूरत थी।
वरना सैकड़ों तूफान
दबाए बैठे हैं दिल में
ना तेरा बचा है कुछ अब
ना पास है अब कुछ मेरे
कुछ लम्हें तेरे पास हैं
कुछ लम्हें पास हैं मेरे।
अब इस जमाने में
किसी की सांसों का
ऐतबार नहीं
पता नहीं कब छूट जाएं
तेरे हाथों से हाथ मेरे।
शिकायतें
हर किसी को हैं जहां में
कम किया करो।
कुछ को नजरअंदाज करो।
कट जाएंगे दोनों के
आखिरी पल नोंक झोंक में।
एक दूसरे से रुठने मनाने में।
रूठा करो, बस मनाने के लिए।
मान जाया करो, बस रुठने के लिए।
सताया करो, प्यार पाने के लिए।
दिखाया करो, छुपाने के लिए
ख़ामोश न हुआ करो,
दिल पर सितम ढाने के लिए।
दिनांक 23 अगस्त 2025,©
रेटिंग 9/10
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