Sunday, August 24, 2025

#H490 जहां कल थे, वहीं हैं

#H490
जहां कल थे, वहीं हैं

हर साल कई पुल टूट जाते हैं,
लोग अपनी जान गंवा जाते हैं।
कई पुल तो पानी में घुल जाते हैं,
एसआईटी बनाकर टाल जाते हैं।

बाढ़ में हजारों बह जाते हैं,
बाढ़ सड़कों को निगल जाती है।
हजारों लोग बेघर हो जाते हैं,
गांव से पलायन कर जाते हैं।

कई फाइटर जेट गिर जाते हैं,
हर बार पायलट मर जाते हैं।
बस तकनीकी कमी बताकर,
फाइल बंद कर आगे बढ़ जाते हैं।

लाखों बच्चे पैदा हो जाते हैं,
हजारों बेरोज़गार बढ़ जाते हैं।
पर शिक्षा में सुधार नहीं लाते,
हर साल फीस बढ़ाते जाते हैं।

हजारों बलात्कार हो जाते हैं,
लोग मोमबत्तियां जलाते हैं।
फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाते हैं,
और हम सब भूल जाते हैं।

साइबर फ्रॉड के शिकार हो जाते हैं,
सारी जमा पूंजी गंवा जाते हैं।
कोई ठोस कदम नहीं उठाते,
आंकड़े हर रोज़ बढ़ते जाते हैं।

अमीर और अमीर होते जाते हैं,
गरीब और गरीब होते जाते हैं।
अमीर आम लोगों के पैसों से ही,
नई-नई कंपनियां लगाते हैं,
स्टॉक एक्सचेंज का रास्ता अपनाते हैं।

भ्रष्ट नेता चुनाव जीत जाते हैं,
भ्रष्ट लोग आगे बढ़ाए जाते हैं।
नेता एक नया नारा दे जाते हैं,
हम जहां खड़े थे कल,
वहीं पर खुद को खड़ा पाते हैं।

दिनांक 5 जुलाई 2025,©
रेटिंग 8.5/10

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